गद्यांश: "जल ही जीवन है। धरती पर उपलब्ध कुल जल का केवल लगभग 3% ही मीठा है और उसमें से भी अधिकांश बर्फ के रूप में जमा है। इसलिए जल की प्रत्येक बूँद का सोच-समझकर उपयोग करना हमारा कर्तव्य है।"
गद्यांश के अनुसार हमें जल का सावधानी से उपयोग क्यों करना चाहिए?
व्याख्या
Explanation
चरण 1: गद्यांश को ध्यान से पढ़ें और मुख्य तथ्य रेखांकित करें: पृथ्वी के कुल जल का केवल लगभग 3% ही मीठा है।
चरण 2: गद्यांश बताता है कि इसका भी अधिकांश भाग बर्फ के रूप में जमा है, यानी उपयोग योग्य जल और भी कम है।
चरण 3: अंतिम वाक्य में "इसलिए" शब्द निष्कर्ष देता है कि हर बूँद सोच-समझकर प्रयोग करें। अतः कारण मीठे जल की कमी है।
चरण 4: गलत विकल्प हटाइए: जल की कीमत, पूरे जल का जम जाना या वर्षा न होना, इनका गद्यांश में कहीं उल्लेख नहीं है।
उत्तर: क्योंकि पृथ्वी के जल का बहुत थोड़ा भाग ही मीठा और उपयोगी है।
PRO TIP
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