संकेतों से कोशिकांग पहचानिए: इसे "कोशिका का ऊर्जा-गृह" कहते हैं, इसमें दोहरी झिल्ली होती है और इसमें अपना DNA होता है।
संकेतों से कोशिकांग पहचानिए: इसे "कोशिका का ऊर्जा-गृह" कहते हैं, इसमें दोहरी झिल्ली होती है और इसमें अपना DNA होता है।
चरण 1: "ऊर्जा-गृह" का अर्थ है वह कोशिकांग जो श्वसन में भोजन से ऊर्जा (ATP) मुक्त करता है। यह माइटोकॉन्ड्रिया की ओर संकेत करता है।
चरण 2: माइटोकॉन्ड्रिया दो झिल्लियों से घिरा होता है; भीतरी झिल्ली मुड़कर क्रिस्टी बनाती है।
चरण 3: इनमें अपना वलयाकार DNA और राइबोसोम होते हैं, इसलिए ये कुछ प्रोटीन स्वयं बना सकते हैं।
चरण 4: गॉल्जी उपकरण पदार्थों को पैक करके भेजता है, लाइसोसोम अपशिष्ट पचाते हैं और राइबोसोम प्रोटीन बनाते हैं। इनमें कोई ऊर्जा-गृह नहीं है।
उत्तर: माइटोकॉन्ड्रिया।
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