खेतों से अतिरिक्त रासायनिक उर्वरक वर्षा के साथ बहकर एक तालाब में पहुँच जाता है। इसका सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?
खेतों से अतिरिक्त रासायनिक उर्वरक वर्षा के साथ बहकर एक तालाब में पहुँच जाता है। इसका सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?
चरण 1: उर्वरकों में नाइट्रेट और फॉस्फेट होते हैं, जो पौधों के पोषक तत्व हैं।
चरण 2: तालाब में पहुँचने पर शैवाल तेज़ी से बढ़ते हैं और हरी मोटी परत बना देते हैं (शैवाल प्रस्फुटन)। इस प्रक्रिया को सुपोषण (यूट्रोफिकेशन) कहते हैं।
चरण 3: यह परत सूर्य का प्रकाश रोकती है, जिससे जल के भीतर के पौधे मर जाते हैं। मृत पदार्थ को सड़ाने वाले जीवाणु घुलित ऑक्सीजन खर्च कर देते हैं।
चरण 4: ऑक्सीजन घटने से मछलियाँ और अन्य जलीय जंतु मर जाते हैं।
उत्तर: शैवाल प्रस्फुटन, घुलित ऑक्सीजन में कमी और मछलियों की मृत्यु।
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