गद्यांश: "जल ही जीवन है। धरती पर उपलब्ध कुल जल का केवल लगभग 3% ही मीठा है और उसमें से भी अधिकांश बर्फ के रूप में जमा है। इसलिए जल की प्रत्येक बूँद का सोच-समझकर उपयोग करना हमारा कर्तव्य है।"
गद्यांश के अनुसार हमें जल का सावधानी से उपयोग क्यों करना चाहिए?
गद्यांश (अंग्रेज़ी पाठ का हिंदी अनुवाद): "रवि प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर अपने स्कूल के पीछे के छोटे बगीचे में पानी देता था। शुरू में कई विद्यार्थी उस पर हँसे, पर रवि रुका नहीं। कुछ महीनों बाद बगीचा रंग-बिरंगे फूलों से भर गया और वही विद्यार्थी उसकी मदद के लिए आगे आए।"
गद्यांश से निम्नलिखित में से क्या निष्कर्ष निकलता है?